जासूस डेस्क।
नई दिल्ली। इजराइल के लिए जासूसी के आरोप में सजा पाए आठ भारतीयों को राहत मिली है। कतर में इन्हें मौत की सजा सुनाई गई थी। अब वहीं की अपीलीय अदालत ने भारतीय नौसेना के इन पूर्व अधिकारियों की सजा घटा दी। इन पर जो आरोप लगे थे, इसके बारे में कतर ने कभी सार्वजनिक नहीं किया। इस सभी भारतीयों को राहत को भारत का कूटनीतिक विजय बताया जा रहा है।
नौसेना के इन पूर्व अधिकारियों को अब क्या सजा भुगतनी होगी, यह स्पष्ट नहीं है। बता दें कि ये सभी दोहा में ‘दोहरा ग्लोबल कंपनी’ के कर्मी थे। ‘दोहरा ग्लोबल’ कतर के सुरक्षा बलों को प्रशिक्षण देती है। इन नौसैनिकों को पिछले साल अगस्त में गिरफ्तार किया गया था। खबरों के मुताबिक एक निचली अदालत ने अक्तूबर में इन सभी को सजा सुनाई थी।
कतर में इन भारतीयों को सजा दिए जाने पर इनके परिवार ने अपील की थी। यही नहीं भारत सरकार ने भी पहल की। इसके बाद अपीलीय अदालत ने इन सभी पूर्व सैनिकों को मौत के फरमान को सिर्फ सजा में बदल दिया। अब कतर में नई सजा को भी चुनौती दिए जाने की संभावना है। बताया गया है कि भारत अपने नागरिकों की हिफाजत के लिए न केवल कदम उठाएगा बल्कि कानूनी मदद करने सहित राजनयिक पहुंच भी बनाए रखेगा। फिलहाल अदालत के विस्तृत फैसले का इंतजार किया जा रहा है।
जैसा कि सभी जानते हैं कि 2015 में भारत और कतर के मध्य एक समझौता हुआ था। इसके मुताबिक अगर किसी को सजा-ए-मौत नहीं मिली है या उस पर कोई मामला लंबित नहीं है तो उसे बची सजा के लिए स्वदेश भेजा जा सकता है।
