जासूस डेस्क
नई दिल्ली। आपके आसपास भी जासूस छिपे हैं। आपकी जासूसी हो रही होती है और आपको पता भी नहीं चलता। कौन हैं ये जासूस। इन्हें पहचनाना ही नहीं, पकड़ना भी मुश्किल है। हम आज बात करेंगे उन जासूसों की जो चोरी छुपे आपका पीछा कर रहे हैं या आपके आसपास ही हैं और आपकी हर हरकत पर नजर रखे हुए हैं। जासूसों को लिए यह काम पहले आज जितना आसान नहीं था। कितना भी हौसला हो, पर जासूसों से चूक हो ही जाती है। मगर ये जासूस रत्ती भर नहीं चूकते।

सोचिए आज से से पचास साल पहले या उससे भी पीछे सौ-दो सौ साल पीछे चले जाइए जब आने जाने का साधन नहीं था, तब गुप्तचर अपने शासकों के लिए किस तरह काम करते होंगे। अभी पच्चीस-तीस साल पहले तक ऐसी तकनीक नहीं आई थी कि असल जासूसों का काम सहज हो जिसे आज आधुनिक प्रौद्योगिकी एवं आधुनिक संचार माध्यमों ने उनके जटिल कामों को आसान कर दिया है। आज जासूस अपने दुश्मन देश के संचार नेटवर्क तक सेंध लगा देते हैं। पहले यह कहां मुमकिन था।

कैमरे कर रहे हैं आपकी जासूसी
आज किसी पर नजर रखने के लिए उसके ही स्मार्ट फोन से जासूसी की जा सकती है। इसके लिए रिमोट टारगेट डिवाइस कैमरे की मदद ली जाती है। आजकल परिवार में बच्चों पर नजर रखने के लिए भी ऐसा किया जाता है। इसके लिए स्पाई ऐप किड्स गार्ड प्रो या आईपी वेबकॉम जैसी आईपी कैमरा ऐप इस्तेमाल करना होगा। कुछ ऐप्स भी बच्चों पर नजर रखने के लिए काम आते हैं। स्पाई ऐप्स के कुछ फीचर निशुल्क मिलते हैं।

सदुपयोग तो दुरुपयोग भी
यह भी सच है कि जासूसी कैमरे का लोगों ने गलत प्रयोग भी किया है। होटलों के कमरों में, कपड़ों के शोरूम में बने चेंज रूम में जिस तरह से गुप्त कैमरों का दुरुपयोग हो रहा है, यह चिंता की बात है। मगर इन कैमरों से ही गलत काम करने वालों और भ्रष्टाचार करने वालों की भी पहचान हुई। भ्रष्टाचारियों और रिश्वतखोर कर्मियों की करतूत सामने लाने में इन कैमरों ने बड़ी मदद की। इस बीच सबसे अच्छी बात ये हुई कि कैमरे बहुत सस्ते हो गए। यहां तक कि कमीज की जेब में समा जाने वाले कैमरे भी आ गए। घड़ी से लेकर पेन तक में कैमरे आ गए। मोबाइल में तो आपके पास तो पहले से ही कैमरा है।

चश्मे पहनिए और जासूसी कीजिए
ये चश्मे हमारे हमारे जासूसों के पास बहुत पहले आ गए होते, तो उनका राष्ट्रहित और समाज हित में उनका उपयोग होता। ये लाइव स्ट्रीम वाई-फाई चश्मे गुप्त कैमरे से लैस होते हैं। जिसका पता लगाना मुश्किल होता है। इस चश्मे से कहीं भी आप वीडियो रिकार्ड कर सकते हैं। इसके लिए बटन भी दबाने की जरूरत नहीं। ये स्पर्श करने भर से कैमरा सक्रिय हो जाता है। यह कैमरा चश्मे के फ्रेम में होता है और यह पारदर्शी प्लास्टिक के पीछे छिपा रहता है।

कमीज के बटन में भी अब कैमरा
जासूस कैमरे कितने आधुनिक हो गए हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ये कमीज के बटन की जगह लगाए जा सकते हैं। यानी ये बटन जितने छोटे हो गए हैं। इसे कमीज में लगा लीजिए और आराम से वीडियो और आडियो रिकार्ड कीजिए। एचडी गुणवत्ता वाले ये कैमरे बेहद कामयाब हैं। ये कैमरे आनलाइन खरीदे जा सकते हैं। इसे यूएसबी से तीन घंटे में चार्ज किया जा सकता है। सबसे बड़ी बात यह है कि ये सस्ते हैं। महिलाओं के लेडीज बैग भी कैमरे से युक्त आते हैं। अपनी सुरक्षा के लिए महिलाएं इसका उपयोग कर सकती हैं। यह महिला जासूसों के काम का भी है।

चार्जर में भी छिपे हैं कैमरे
गुप्त कैमरे कई तरह के होते हैं। मगर यह मोबाइल चार्जर में भी लगा होगा, यह किसी ने सोचा नहीं होगा। लीजिए वह भी हाजिर है। बाजार में स्पाइ कैमरे लगे चार्जर भी आ गए हैं। इस पर अमूमन किसी की नजर नहीं जाती। कोई सोच भी नहीं सकता। जिसकी जासूसी हो रही है, खुद उसको भी आसानी से पता नहीं चल सकता।

सिरदर्द भी हैं गुप्त कैमरे
सार्थक उपयोग हो तो आधुनिक दौर में आए गुप्त कैमरे मददगार हैं। मगर कभी-कभी सहज ईमानदार और अपने काम से मतलब रखने वालों के लिए ये कैमरे सिरदर्द भी हैं। क्योंकि ये हमारी निजता में दखल देते हैं। मीटिंग रूम में, होटलों में या चेंज रूम में गुप्त कैमरे से किसी को भी तनाव हो सकता है। मगर कहते हैं न हर चीज का तोड़ होता है, तो गुप्त कैमरों का पता लगाने के लिए उपकरण भी आ गए हैं। स्पाई कैमरे को ढूंढ़ने के लिए बाजार में कुछ उपकरण मौजूद हैं। ये उपकरण मैग्नेटिक तरंग को पहचान लेता है, एलईडी लाइट और वाइब्रेशन सिग्नल से बता देता है कि गुप्त कैमरा कहां छिपा है। यह डिवाइस छह-सात हजार रुपए में मिल जाता है।

निसंदेह जासूसी कैमरे की अहमियत है। अगर ये बहुत पहले पुलिस और सेना के जासूसों को मिलते तो वे और बेहतर काम कर पाते। अब जो कैमरे आए हैं उनसे उनका काम आसान हुआ है। गलत काम करने वालों को पकड़ा गया है। रिश्वतखोर कर्मचारियों और भ्रष्टाचारियों को भी जेल भेजा गया है। सीमा पर दुश्मन की निगरानी और बेहतर तरीके से की जा रही है। गुप्त कैमरों से चोरों और अपराधियों को पकड़ना आसान हो गया है।   

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