जासूस नूर को ब्रिटेन और फ्रांस करते हैं सलाम
नई दिल्ली। एक ऐसी जासूस जिसे दस महीने तक नाजियों ने यातना दी, मगर उसने न कोई राज उगला और न ही अपना असली नाम बताया। नतीजा मौत की सजा।…
जासूस जिंदा है, एक कदम है जासूसी लेखन की लुप्त हो रही विधा को जिंदा रखने का। आप भी इस प्रयास में हमारे हमकदम हो सकते हैं। यह खुला मंच है जिस पर आप अपना कोई लेख, कहानी, उपन्यास या कोई और अनुभव हमें इस पते jasooszindahai@gmail.com पर लिख कर भेज सकते हैं।
नई दिल्ली। एक ऐसी जासूस जिसे दस महीने तक नाजियों ने यातना दी, मगर उसने न कोई राज उगला और न ही अपना असली नाम बताया। नतीजा मौत की सजा।…