अभिमन्यु मैं तुम्हारी माया हूं।
मेरे हृदय में विराजमान कान्हा की तरह हो तुम। हर जनम में मिलती हूं तुमसे। ये तो कान्हा का ही योग है कि वे बिछड़े प्रेमी युगलों को मिलाते हैं।…
जासूस जिंदा है, एक कदम है जासूसी लेखन की लुप्त हो रही विधा को जिंदा रखने का। आप भी इस प्रयास में हमारे हमकदम हो सकते हैं। यह खुला मंच है जिस पर आप अपना कोई लेख, कहानी, उपन्यास या कोई और अनुभव हमें इस पते jasooszindahai@gmail.com पर लिख कर भेज सकते हैं।
मेरे हृदय में विराजमान कान्हा की तरह हो तुम। हर जनम में मिलती हूं तुमसे। ये तो कान्हा का ही योग है कि वे बिछड़े प्रेमी युगलों को मिलाते हैं।…
नई दिल्ली। वह दुनिया की सबसे खूबसूरत जासूस थी। जाने कितने पुरुष उसकी अदाओं पर मरते थे। बड़े-बड़े नेता और अरबपति कारोबारी तथा उच्च अधिकारी उसके बेपनाह हुस्न के तलबगार…