आंखें खोल ली जाएं कि सपना खत्म होता है
साहित्य डेस्कनई दिल्ली। विख्यात शायर मुनव्वर राणा नहीं रहे। पिछले दिनों दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। उनके शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर…
जासूस जिंदा है, एक कदम है जासूसी लेखन की लुप्त हो रही विधा को जिंदा रखने का। आप भी इस प्रयास में हमारे हमकदम हो सकते हैं। यह खुला मंच है जिस पर आप अपना कोई लेख, कहानी, उपन्यास या कोई और अनुभव हमें इस पते jasooszindahai@gmail.com पर लिख कर भेज सकते हैं।
साहित्य डेस्कनई दिल्ली। विख्यात शायर मुनव्वर राणा नहीं रहे। पिछले दिनों दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। उनके शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर…
-अंजू खरबंदा रिन्नी काफी दिनों से बीमार चल रही थी। न आफिस जा पा रही थी और न ही ठीक से घर संभाल पा रही थी। कई डाक्टरों को दिखाया,…
जासूस डेस्कनई दिल्ली। भारत में जब जासूसी साहित्य का उदय हो रहा था तो इसके बरक्स दूसरे देशों में जासूसी कथाओं में अपनी जड़ें जमा ली थीं। इयान फ्लेमिंग्स, जेम्स…