तुम्हारी यादों का जो तिलिस्म है

-संतोषी बघेल तुम्हारी मुस्कुराहटों में लिपटी हैमेरी आंखों की नमी,मेरे शब्दों में उकरते प्रेम मेंतुम्हारे विराग की कसक है,कभी पिघलती हूं तुम्हारे खयाल से,कभी तुम्हारा प्रणमुझे कठोर बना जाता है।…

इब्ने सफी : जासूसी लेखन के बेताज बादशाह

- डा. शशि रायजादा लखनऊ। लगभग ढाई सौ से ऊपर जासूसी उपन्यास लिखने वाले अपने समय के चर्चित लेखक असरार अहमद उर्फ इब्ने सफी इलाहाबाद जिले के नारा कस्बे में…