बिंदी में उगता सूरज
- संजय स्वतंत्र समय किसी के लिए ठहरता नहीं। कौन रोक पाया है इसे। ठीक वैसे ही जैसे लाख कोशिश कीजिए, मुट्ठी से रेत फिसल ही जाती है। अपनी जिम्मेदारियों…
जासूस जिंदा है, एक कदम है जासूसी लेखन की लुप्त हो रही विधा को जिंदा रखने का। आप भी इस प्रयास में हमारे हमकदम हो सकते हैं। यह खुला मंच है जिस पर आप अपना कोई लेख, कहानी, उपन्यास या कोई और अनुभव हमें इस पते jasooszindahai@gmail.com पर लिख कर भेज सकते हैं।
- संजय स्वतंत्र समय किसी के लिए ठहरता नहीं। कौन रोक पाया है इसे। ठीक वैसे ही जैसे लाख कोशिश कीजिए, मुट्ठी से रेत फिसल ही जाती है। अपनी जिम्मेदारियों…
जासूस डेस्कनई दिल्ली। अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपनी तैयारियों में जुटे डोनाल्ड ट्रंप पर पिछले दिनों किसने हमला किया था? कौन था वह शख्स जिसने उनकी हत्या की…
-संतोषी बघेल जितना प्रेम लिखाउतनी ही रिक्त रही मैं,तुम्हें देकर मेरे पासआखिर रहता भी क्या?तीव्र उत्कंठाएं औरमर्मांतक पीड़ा देतीं स्मृतियां,कुछ मृत स्मृतियों केस्मारक से सूखे गुलाब,वर्षों से सहेजी हुई प्रेम…